
मुस्तफ़ा इस्माइल ने सूरह निसा के कार्यान्वयन श्लोक 171 में «يَا أَهْلَ الْكِتَابِ لَا تَغْلُوا فِي دِينِكُمْ وَلَا تَقُولُوا عَلَى اللَّهِ إِلَّا الْحَقَّ إِنَّمَا الْمَسِيحُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ رَسُولُ اللَّهِ وَكَلِمَتُهُ أَلْقَاهَا إِلَى مَرْيَمَ وَرُوحٌ مِنْهُ فَآمِنُوا بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ وَلَا تَقُولُوا ثَلَاثَةٌ انْتَهُوا خَيْرًا لَكُمْ إِنَّمَا اللَّهُ إِلَهٌ وَاحِدٌ سُبْحَانَهُ أَنْ يَكُونَ لَهُ وَلَدٌ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ وَكَفَى بِاللَّهِ وَكِيلًا। हे पुस्तक वाले लोग ईश्वर के बारे में ग़ुलू नहीं करते हैं और अल्लाह के बारे सिवाऐ सत्य के कुछ न कहो। लेकिन [मसीह ईसा बिन मर्यम] केवल अल्लाह के संदेशवाहक और उसके शब्द हैं उसने मरियम की ओर डाला, और उस की ओर से एक रूह है, इसलिए ईश्वर और उसके दूतों पर ईमान लाओ और यह मत कहो, अल्लाह तीन से मिल कर बना है। ठहरो, क्योंकि तुम्हारे लिऐ बेहतर है ईश्वर,केवल एक ईश्वर, वह इससे पाक है कि उसके लिऐ पुत्र हो,जो भी धरती व आकाश में सब उसी से है और ईश्वर सर्वशक्तिमान है,को पढ़ा।
जर्मन दार अल-कुरान, हैम्बर्ग में इमाम अली (अ.स) इस्लामिक सेंटर से संबद्धित है और इसके सोशल मीडिया पर पृष्ठ हैं जहां यह इस्लामिक दुनिया के पाठकों, विशेषकर मिस्र और ईरान के पाठकों की गतिविधियों और कार्यक्रमों को अपलोड और पुन: प्रकाशित करता है।
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